चीन में बना फीमेल रोबोट, काम ऐसे कि रिसेप्शनिस्ट की भी कर दे छुट्टी

चीन की रोबोटिक्स कंपनी नोएटिक्स ने एक नया ह्यूमनॉइड रोबोट पेश किया है, जिसका नाम Hobbs W1 है। यह रोबोट खास तौर पर सर्विस के कामों के लिए बनाया गया है। इसका चेहरा असली इंसान जैसा दिखता है और यह महिला जैसी शक्ल वाला है। यही कारण है कि इसे फीमेल रोबोट कहा जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यह रोबोट असली दुनिया में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह लोगों से बात कर सकता है, इमोशन समझ सकता है और आसानी से घूम-फिर सकता है। Hobbs W1 को रिसेप्शनिस्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां यह मेहमानों का स्वागत करेगा और उन्हें रास्ता दिखाएगा।

असली जैसी स्किन लगी है
इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की रिपोर्ट (Ref.) कहती है, Hobbs W1 के हाथों में छह डिग्री ऑफ फ्रीडम है, यानी यह हाथ बहुत फ्लेक्सिबल हैं और हर तरफ घूम सकते हैं। इसके बाजू में पांच डिग्री ऑफ फ्रीडम है। इससे यह रोबोट इशारे कर सकता है, चीजें पकड़कर दे सकता है और छोटे-मोटे काम कर सकता है। ज्यादातर सोशल रोबोट सिर्फ बात करते हैं, लेकिन यह रोबोट काम भी कर सकता है। इसका चेहरा बायोनिक तरीके से बनाया गया है, जिसमें असली जैसी स्किन लगाई गई है। एक बड़ा स्क्रीन भी है जो जो इसके इमोशन दिखाती है। यह रोबोट होटल, दुकान, स्कूल या ऑफिस में अच्छा काम कर सकता है।

ये भी पढ़ें :  इन पांच लोगों को खिलाएं खाना, रहेगी स्थिर लक्ष्मी

क्या-क्या कर लेगा यह रोबोट?
यह रोबोट पूरी तरह खुद चल सकता है। यह कमरों का नक्शा बना सकता है और मुश्किल जगहों में आसानी से घूम सकता है। बिना किसी की मदद के यह रिसेप्शन का काम संभाल सकता है, लोगों को गाइड कर सकता है और रोज के कामों में मदद दे सकता है। यह लोगों के साथ चलते हुए बात कर सकता है। कंपनी का कहना है कि यह रोबोट इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनकी मदद करेगा। बार-बार आने वाले काम यह लगातार कर सकता है, जिससे इंसान बड़े कामों पर ध्यान दे सकें। यह रोबोट कई तरह की जगहों पर अच्छे से फिट हो जाता है।

ये भी पढ़ें :  लद्दाख : पैंगोंग झील के पास नई बस्तियां बसा रहा चीन, सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली पोल

कंपनी का दूसरा रोबोट 'बूमी'
नोएटिक्स कंपनी ने अक्टूबर में एक और रोबोट लॉन्च किया था, जिसका नाम बूमी है। यह बच्चे के आकार का है और इसकी कीमतकाफी कम बताई जा रही है।पहले ह्यूमनॉइड रोबोट लाखों रुपये के होते थे, लेकिन बूमी ने कीमत को बहुत कम कर दिया। कंपनी को हाल में करीब 41 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली थी, जिसकी मदद से यह संभव हुआ। कंपनी ने बूमी के कई पार्ट्स खुद ही बनाए, जैसे कंट्रोल बोर्ड और मोटर ड्राइवर। इससे बाहर से महंगे पार्ट्स खरीदने की जरूरत नहीं पड़ी। दूसरा, रोबोट को हल्का बनाया। इसका वजन सिर्फ 12 किलो है, क्योंकि इसमें कंपोजिट सामग्री का इस्तेमाल किया और सिर्फ जरूरी जगहों पर मेटल लगाई। तीसरा, सारे पार्ट्स चीन से ही लिए, जिससे खर्च कम हुआ। नोएटिक्स अब ह्यूमनॉइड रोबोट को हर घर में पहुंचाना चाहती है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment